श्रीनगर : अपने पुरखों से विरासत में मिली हस्तकला को सहेजने में जुटे हैं कश्मीर केे कलाकार

श्रीनगर,राज्यब्यूरो:श्रीनगरकेविभिन्नहिस्सोंमेंशिल्पऔरलोककलाकेएकसेएकमहारथीहैं,जोअपनेपुरखोंसेविरासतमेंमिलीहस्तकलाकोसहेजनेऔरउसकेसंरक्षणमेंजुटेहुएहैं।स्थानीयटूअरआपरेटरों,कलाप्रेमियोंकेएकदलनेमंगलवारकोइनकलाकारोंकीकलाकारीकोनजदीकसेदेखनेऔरसमझनेकाप्रयासकिया।उन्हेंयहअवसरमिलाहस्तशिल्पएवंहथकरघाविभागकीओरसेआयोजितशिल्पसफारीमें।श्रीनगरकोयूनेस्कोनेशिल्पएवंलोककलाक्षेत्रकेरचनात्मकशहरोंकीसूचीमेंशामिलकियाहै।

शिल्पसफारीकापांचवासंस्करणथाजोरैनावारीमेंमोहम्मदरफीककुमारकीकार्यशालासेशुरूहुआ।मोहम्मदरफीककुमारकश्मीरमेंमिट्टीकेबर्तनबनानेकीसदियोंपुरानीकलाकेकुशलकारीगरहै।बदलतेदौरमेंयहकलाअबसमाप्तहोरहीहै।मिट्टीकोचाकपरअपनेहाथोंकीअंगुलियोंसेआकारदेतेहुएमोहम्मदरफीककुम्हारनेकहाकिमिट्टीकेबर्तनबहुतसीजगहोंपरबनाएजातेहैं,लेकिनकश्मीरीकलाकारीदूसरीजगहनहींमिलती।हमारेडिजायनअलगहैं,जिनकेलिएमेहनतचाहिए।

हालांकिदिनभररुकरुककरबारिशहोतीरही,जिससेठंडभीअधिकथ,लेकिनशिल्पसफारीकेरोमांचनेलोगोंकोकहींठंडकाअहसासनहीहोनेदिया।मिट्टीकेबर्तनोंकोबनानेकीकलाकोसमझनेकेबादसफारीकाअगलापड़ावचांदीकेबर्तनबनानेवालेशमीमअहमदकेघरपरथा।

बीते30वर्षसेहाथसेचांदीकेबर्तनबनानेमेंलगेहुएशमीमअहमदनेबतायाकियहसाराकामहाथहोताहै।छोटेछोटेऔजारोंकीचोटसेचांदीकेटुकड़ोंकोजरूरतअनुसारआकारदियाजाताहै।उन्हेंआगमेंतपायाजाताहैऔरहाथसेहीउनपरमनमोहकआकृतियांउकेरीजातीहैं।कईबारइनबर्तनोंमेंनगभीजड़ेजातेहैं।शमीमअहमदकेबनाएचांदीकेबर्तनोंकेदुनियाभरमेंप्रशंसकवखरीदारहैं।उन्होंनेशिल्पसफारीकोअपनेसंग्रहालयकीभीसैरकराई।

लकड़ीपरबेलबूटियांबनानेमेंमाहिरहैफारूकअहम: हाथसेचांदीकेबर्तनबनानेकीकलाकीबारिकियोंकोकरीबसेदेखनेकेबादशिल्पसफारीफारूकअहमदगडियारीकीकार्यशालामेंपहुंची।उससमयवहअखरोटकीलकड़ीकेबेजानटुकड़ोंमेंजानफूंकनेमेंलगेहुएथे।उन्होंनेबतायाकिलकड़ीपरबेलबूटियांबनाने,विभिन्नफूलोंकोउकेरनेकीकलाकोसीखनेकेलिएउम्रनिकलजातीहै,लेकिनकोईभीकलाकारयहनहींकहसकताकिवहइसमेंपूरीतरहकुशलहोगयाहै।यहकलाकारकीरूचि,रचनात्मकताऔरभावोंकामिश्रणहै।उन्होंनेलकड़ीपरनक्काशीकीपेचीदिगियोंकाजिक्रकरतेहुएबतायाकिज्यादातरलोगचिनारकेपत्तोंकाडिजायनपसंदकरतेहैं।गुलाबकेफूलतैयारकरनाज्यादामुश्किलहोताहै।उन्होंनेकहाकिडिजायनकेआधारपरलकड़ीकाचुनावकरनाहोताहै।

तांबेकेबर्तनोंपरडिजाइनसीमितहै: फिरबादमेंमोहम्मदअशरफनजरकीइकाईमेंटीमद्वाराकॉपरवेयरकेसुरुचिपूर्णखजानेकोदेखागया।कश्मीरमेंतांबेकेबर्तनयुगोंसेएकअनिवार्यवस्तुरहेहैंऔरइसविशेषशिल्पसेजुड़ेकारीगरोंकोउनकेउत्कीर्णनकेकामऔरघरेलूऔरसजावटीउत्पादबनानेकेलिएजानाजाताहै।तांबेकेबर्तनोंमेंडिजाइनएकस्तरतकविकसितहुएहैं,क्योंकिअधिकलोगतांबेकेबर्तनोंमेंअपनेलाभोंकेकारणरुचिदिखारहेहैं।

नमदाबनातेमोहम्मदसिद्दीककोदेखलगाकिजितनायहनर्महोताहै,उतनाहीइसेबुननाकठिनवसख्तहै।मोहम्मदसिद्दीकनेकहाकिऊनकीबुनाईकेबजायउसेमहसूसकरो,तभीआपनमदाबेहतरबनासकतेहो।अंतमेंशिल्पसफारीनजीरअहमदमल्लाकेपासपहु्ंची।नजीरअहमदमल्लाकश्मीरमेंजरीकीकामकरनेवालेसबसेप्रतिष्ठितऔरकुशलकारीगरमानेजातेहैं।उन्होंनेबतायाकिजरीकेकाममेंचांदीऔरसोनेकाधागासुईमेंपिरोयाजाताहैऔरफिरउससुईसेकपड़ेपरकढ़ाईकीजातीहै।जरीकीकढ़ाईकिसीभीसाधारणकपड़ेकोअसाधारणबनादेतीहै।

कश्मीरकीदस्तकारीदुनियामेंसबसेअलगहै: हस्तशिल्पएवंहथकरघाविभागकेनिदेशकमहमूदअहमदशाहनेकहाकिकश्मीरकीदस्तकारीदुनियाभरमेविशिष्टहै।जोकामकश्मीरीशिल्पीऔरकारीगरकरतेहैं,वैसाकोईदूसरानहींकरसकता।कश्मीरकेडिजायनभीकिसीकोमोहसकतेहैं।हमकश्मीरकीदस्तकारीकेसंरक्षणऔरविकासकेलिएसभीआवश्यककदमउठारहेहैं।दस्तकारोंकेलिएकईयोजनाएंशुरूकीगईहैं।इसकेअलावाहमकश्मीरमेंहस्तशिल्पऔरहथकरघाकेकारीगरोंकोध्यानमेंरखतेहुएपर्यटनकोविकसितकरनेकाप्रयासकररहेहैं।

Copyright © 2022 तेंदुआ बाघ LTD. All Rights Reserved